हमें प्यार दो, प्यार दो , सोना चांदी कुछ न चाहे हम है प्रेम दीवाने । बिन पेट्रोल गाडी कैसे चले , बिन पानी, मछली फ्राई कैसे बने , और बिन प्रेम हम कैसे जियें । प्रेम नहीं तो मकर , मकर नहीं , बीहड़ों मैं बटकेगा , सड़क पर दिशाहीन विचरण करेगा , और जिंदगी उद्देश्यहीन लगेगी । फिर कहीं कोई थोड़ा कन्धा मिला , तो बस हो गये , हम आपके हैं कौन । आवेशग्रस्त हो ज्यादा प्रेम तथा सैक्स की चर्चा करना , दुखी करेगा ।
मशवरा बाबा घंटा जी का– इस दुनिया मैं गम और भी हैं मोहबत के सिवा, कंट्रोल करो , अतिशोयक्ति मैं कुछ नहीं रखा , बैलेंस बनाओ

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