प्रेम के भूखे , कामुक व्यक्ति , खूब प्रेम करो , दिन करो रात करो , पर अति किसी भी चीज़ की हो, स्वास्थ ख़राब ही करती है , तो कंट्रोल करो । किसी के देख कर मुस्कराने को प्रेम न समझे , भ्रमों के शिकार न बने , प्रेम मैं ईर्ष्या तथा संदेह तुम्हारी ही लेगा , अतः लोगों पर विश्वास भी करना सीखे, सेक्स और प्रेम के लिए अलग अलग लोगों की जरूरत नहीं पड़ती , कभी कभी एक से काम चला लेना चाहिए । सेक्स हथियार नहीं है , और इसका प्रयोग यदि इस रूप मैं करेंगे तो , आपकी टूटेगी ।

मशवरा बाबा घंटा जी का– प्रतिकार के लिए सेक्स को हथियार बना, मजे लूट , दूसरे को दुखी न करें और कंफ्यूज न हो, दुसरो की राय लेने से कुछ नहीं बिगड़ेगा

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