अज्ञानता अभिशाप नहीं है, ज्ञानी समझ को भी दे मत देना , फिर अपने आप को ज्ञानी सिद्ध कर, उसकी प्रशांसा करना बेवकूफी है । हरेक व्यक्ति जो आप से बड़ा हो , वो जरूरी नहीं की समझदार हो , और जो छोटा हो वो बेवकूफ हो । सेक्स , सेक्स है , ज्यादा दिल पर लेने की चीज नहीं, सोच सोच के दिमाग को परेशान करो तो यह तुम्हारी कमी । सेक्स की वैधता के प्रति चिंता , चोरी है , नाम कुछ भी रख लो , प्रेम, प्यार इत्यादि सेक्स , सेक्स ही है ।

मशवरा बाबा घंटा जी का– हरेक चीज़ को वैध बनाने की कोशिश मैं, टाइम बर्बाद कर अपना नुक्सान न करें

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