मेष राशि का पांचवां स्थान प्रेम संबंध का सूचक है। यह स्थान सिंह राशि का है, अब शेर का प्यार तो भारी पड़ेगा । अब प्रेम पिपासु प्राणी को मनोनुकूल तृप्ति मिले , यह मुश्किल है , तो वो खोज मैं भटकता रहेगा, घरवाली , घरवालों से खुश रहना सीखें , अन्यथा दो नावों की सवारी का परिणाम भुगतें । जो मिले उससे मजे लो , चौकने और डरने से काम नहीं चलेगा , धोखा मिले तो दिल पे न लगाना, मौका मिले तो चूकना मत । मेष राशि से ही मिलो तो झुकने झुकाने का प्रयत्न मत करना , मजे करो, शेर शेरनी वाले झगडे मैं मत फसना ।
मशवरा बाबा घंटा जी का – दिल पे मत ले , फैशन की दुनिया मैं गॉरंटी की इच्छा कर सिर न फोड़े , बहुत और भी है दुनिया मैं

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