ख़ुशी मिलती है!

एक आदमी ने एक वकील के ऑफिस में फ़ोन किया और वकील का नाम लेकर कहा कि मैं अपने वकील से बात करना चाहता हूँ।
रिसेप्शन वाले ने कहा, “जी माफ़ कीजिये, पिछले हफ्ते ही उनका देहांत हो गया।”
अगले दिन फिर से उस आदमी ने उसी तरह पूछा, “जी, क्या मैं अपने वकील के साथ बात कर सकता हूँ?”
रिसेप्शन वाले ने फिर से वही बात कही कि माफ़ कीजिये उनका पिछले हफ्ते देहांत हो गया।
अगले दिन फिर से उस आदमी ने फोन किया, “क्या मैं अपने वकील से बात कर सकता हूँ?”
रिसेप्शन वाले ने उस दिन दुखी होकर उसे पूछ ही लिया, “सर आज ये आपका तीसरा दिन है, लगातार मैं आपको बता रहा हूँ कि आपके वकील मर चुके हैं। आप फिर भी बार-बार फोन करके क्यों पूछ रहे हैं?”
उस आदमी ने बड़ी सहजता से जवाब दिया, “क्योंकि यह सुनकर मुझे बहुत ख़ुशी मिलती है कि अब मेरे पैसे बच जायेंगे।”

 

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