14 - 1 (6)

मैं तो चिराग हुँ तेरे आशियाने का,

कभी ना कभी तो बुझ जाऊंगा,
आज शिकायत है तुझे मेरे उजाले से,
कल अँधेरे में बहुत याद आऊंगा.. …

2014 - 1 (16)

दिल की आवाज़ को इज़हार कहते है,
झुकी निगाह को इकरार कहते है,
सिर्फ पाने का नाम इश्क नहीं,
कुछ खोने को भी प्यार कहते है.. …

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अच्छा है चुप रहना सीख।
लेकिन सच भी कहना सीख।
झूठ दूर तक कब चलता है।
कड़वा सच भी सहना सीख।
हवा के संग बहता जाता है।  …

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तेरे सीने से लगकर, तेरी आरजू बन जाऊँ,
तेरी साँसो से मिलकर, तेरी खुशबु बन जाऊँ,
फासले ना रहें कोई हम दोनो के दरमिआँ,
मैं, मैं ना रहुँ, बस तु ही तु बन जाऊँ ।।

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