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आँतरिक एवं अलौकिक शक्ति का विकास

Photo by Ben White on Unsplash

आँतरिक एवं अलौकिक शक्ति का विकास आप, “आध्यात्मिक शक्ति” को विकसित करके कर  सकते हो  , आध्यात्मिक शक्ति को विकसित करने के लिए किसी विशेष धार्मिक संबद्धता की आवश्यकता नहीं है,   सभी पृष्ठभूमि के लोग इसको छोटे छोटे कार्य करके विकसित कर सकते हैं ।  जब हम आध्यात्मिक रूप से अग्रसर होने लगते है , तो हमारी धारणा बदलने लगती है और जिस तरह से हम अपने आस-पास की दुनिया को देखते हैं वह भी बदल जाती है। आध्यात्मिक विकास हमारे जीवन में सकारात्मक बदलाव लाता है। न केवल हम जीवन में आशावादी और सकारात्मक हो जाते हैं, बल्कि शांत और शांतिपूर्ण भी हो जाते हैं। यह आध्यात्मिक शक्ति हमें अपने आसपास की नकारात्मकता से निपटने में मदद करती है। हमे जीवन के मायने पहले से स्पष्ट दिखाई देने लगते है और हम गहरे अर्थ तलाशते हैं।

हमारी अधिकांश समस्याएं हमारी अपनी धारणाओं और खुद की और दुनिया की अपेक्षाओं से उपजी हैं।

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आँतरिक एवं अलौकिक शक्ति का विकास आपकी दुनिया बदलने लगता है , आप उन चीज़ों को आकर्षित करने लगते हो जो आपकी चाहत है ,यह निश्चित रूप से आपके दुनिया को देखने के नज़रिये को बदल देगा।  आँतरिक एवं अलौकिक शक्ति का विकास मानव को बेहतर जीवन व्यतीत करने में मददगार होता है। 

आइये जानते है कुछ एक टिप्स जिससे आप अपने आँतरिक एवं अलौकिक शक्ति को प्रभावी बना , जो चाहे वह पा सकते हैं।

1, ध्यान लगाएं

शुरुआत में कम से कम १५ मिनट ध्यान लगाएं , ऐसी जगह बैठें जहाँ पर आपका ध्यान का भटके , अपनी आंखें बंद करें, सामान्य रूप से सांस लें, तनावमुक्त रहें और अपनी सोच को विराम दें , अपना दिमाग किसी एक चीज़ पर केंद्रित करें , जैसे दीये का लौ  । शुरुआत में थोड़ी दिक्कत महसूस होगी , लेकिन धीरे धीरे आप अभ्यस्त हो जायेंगे। यह जल्द ही आपके दिमाग को आराम की स्तिथि में ले आएगा , और आपको चीज़ें अधिक स्पष्ट दिखने लगेगी , और आत्मशांति का अनुभव होना शुरू हो जायेगा। 

Photo by Erik Brolin on Unsplash

2, अपने शरीर का ध्यान रखें

स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मन मस्तिष्क का निवास होता है , और  स्वस्थ मन मस्तिष्क से आप जल्द ही आँतरिक एवं अलौकिक शक्ति को प्रभावी बना सकते हो , इसके लिए सही समय पर सोयें कम से कम 7 घंटे , खाएं , पियें और व्यायाम करें। 

Photo by ŞULE MAKAROĞLU on Unsplash

3, ज्यादा सीखें – किताबें पढ़ें

बौद्धिक क्षमता और आध्यात्मिक शक्ति का विकास एकसार है , बौद्धिक क्षमता के बढ़ने से आध्यात्मिक शक्ति बढ़ती है , इसलिए अब तक सीखी गयी चीज़ों के अलावा , नयी नयी विचार धारा की किताबें पढ़े।  सोचें की क्या मायने है बौद्धिक विकास के आपके हिसाब से , क्या वह चीज़ है जो आपको बौद्धिक उत्कर्ष प्रधान करती है , चाहे वह कविता लिखना , हो या पड़ना हो , छोटे बच्चों को पढ़ाना हो , जो कुछ भी हो , उसे दिल लगाकर नियमित रूप से करें। 

Photo by Thought Catalog on Unsplash

4, सरल और छोटे कदम उठाएं

आध्यात्मिक शक्ति का विकसित करने के लिए सरल लक्ष्य निर्धारित करें और छोटे छोटे कदम उठाएं , जैसे यदि दान करके आपको बौद्धिक उत्कर्ष की अनुभूति होती है तो थोड़ा थोड़ा दान करें , न की एकबार में ही अपना खजाना खाली कर दे। 

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5, अपने जैसे सोचने वाले लोगों से मिले और जोड़े

अपने देखा होगा की सामूहिक धार्मिक आयोजनों की ऊर्जा अलग स्तर की ही होती है , यह लोगों के समूह की भक्ति भावना से उत्त्पन ऊर्जा है जो सामूहिक धार्मिक आयोजन को अलौकिक ऊर्जा प्रदान करती है , इसी प्रकार जब आप अपने जैसे सोचने वालों से मिलोगे तो आपकी और उनकी ऊर्जा मिलकर एक बड़ा स्वरुप धारण कर लेती है , और यह आपको अधिक ऊर्जावान बनती है और आपको अपने पथ पर अग्रसर होते जाते हो। 

Photo by bantersnaps on Unsplash

6, परिकल्पना कीजिये

सकारात्मक विचारों को अपने मन में लाएं , अच्छे भविष्य की परिकल्पना कीजिये , ऐसा करने पर आप उन चीज़ों को धीरे धीरे करके आकर्षित करना शुरू कर दोगे जिसकी की आप परिकल्पना कर रहे हो।  आकर्षण का सिद्धांत काम करता है , नियमित परिकल्पना से। 

Photo by Alejandro Benėt on Unsplash

7, दूसरों के साथ अच्छा व्यवहार रखें

सकारात्मक और  नकारात्मक  ऊर्जा आम तौर पर हमारे दूसरे लोगों के प्रति व्यवहार से उत्त्पन होता है , मान के चलिए की आप की किसी से अनबन हुई किसी विषय पर तब आप नकारात्मक  ऊर्जा महसूस करेंगे , इसके विपरीत यदि आपका व्यवहार अच्छा था , तो आप अपने आप को सकारात्मक ऊर्जा से परिपूर्ण पाएंगे , इसलिए हर समय दूसरों के साथ अच्छा व्यवहार रखें।

Photo by Elaine Casap on Unsplash

8, जमीन से जुड़ें

अहंकार को अपने दिमाग से निकल दे , सबका सम्मान करें चाहे वह छोटे हो या फिर बड़े , गरीब हो या अमीर , या फिर किसी भी रंग रूप या वेश में हो सबका सम्मान करें।  और कोशिश करें कुछ मदद करने की , उन लोगों की जो असक्षम हैं।  यह आपके अंदर की आध्यात्मिक शक्ति को विकसित करने में मददगार सिद्ध होगी।  

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9,  माफ़ करें दूसरों को और अपने आप को भी

जब आप किसी व्यक्ति को माफ़ नहीं करते हो , तो आपके अंदर उसके प्रति द्वेष होता है , और द्वेष एक नकारात्मक ऊर्जा है , जो आपकी अंदर की बौद्धिक क्षमता को क्षीण बनता है , जिससे आँतरिक एवं अलौकिक शक्ति का विकास करना असंभव सा हो जाता है।  मुश्किल अनुभव से आपने जो कुछ सीखा उसके लिए आभारी होने की कोशिश करें और सराहना करें कि इसने आपको एक व्यक्ति के रूप में कैसे आकार दिया है, और स्वीकार करें कि हम सभी कभी-कभी जिंदगी की राह पर गलत मोड़ ले लेते हैं।

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10, प्रकृति के करीब जाएँ

प्रकृति से उत्त्पन ऊर्जा , सृजनकर्ता के ऊर्जा का अंश है , सुबह सुबह गार्डन या पार्क में घूमने जाएँ , नियम बनाये कुछ एक दिन शहरी सभ्यता से दूर प्रकृति की गोद में रहने के ,ध्यान रहे,  शिव और प्रकृति का संगम यह संसार है। 

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