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20 ऐसे तथ्य जो आपके जीवन को बचा सकते हैं किसी न किसी दिन

मान लीजिये आप कार मैं हैं और दरवाज़े बंद है और खुल नहीं पा रहे , या फिर आपके सामने आपका कोई मित्र बेहोश होकर जमीन पर गिर गया है , या फिर आप भारी बर्फ बारी मैं कहीं फंस गए हैं , इस तरह के कई घटनाये आपने सुनी होंग।   इन मौकों पर सही जानकारी न होने की वजह से कई लोगों की जाने जाती हैं हर साल , इस पोस्ट मैं हम आपको इन घटनाओं से सुरक्षित निकलने के तरीके बताएँगे।

नंबर १  – 3 का नियम: यदि आप अपने आप को एक जंगल या गंभीर मौसम की स्थिति में पाते हैं, तो 3. का नियम याद रखें। एक इंसान आम तौर पर 3 मिनट तक गंभीर रक्तस्राव, 3 मिनट बिना हवा के, 3 घंटे चरम स्थितियों (जैसे भयानक ठण्ड ) मैं बिना आश्रय के, 3 दिन बिना पानी के, और ३ सप्ताह बिना भोजन के रह सकता है । इसको ध्यान मैं रखते हुए अपनी प्राथमिकता को तय करें , ऐसे मौके पर।  

नंबर २  , आप पूरी ताकत से कार का दरवाज़ा खोलने की कोशिश कर रहे है पर , दरवाज़ा खुल नहीं रहा , बंद कार से कैसे सुरक्षित निकले ?

यदि इमरजेंसी है और आप कार से निकल नहीं पा रहे तो घबराएं नहीं , कार का शीशा तोड़ने की कोशिश करें , आज कल बहुत से कार मॉडल मैं अलग होने वाले हेड रेस्ट होते है, सीट के ऊपर  , जिससे मैं एक तरफ , आयरन की रोड बहार निकल रही होती है , इसका इस्तेमाल शीशा तोड़ने में किया जा सकता , जब भी आप शीशे पर प्रहार करें तो ध्यान रखे की चोट कोने पर होनी चाहिए , न की बीच मैं , यदि अलग होने वाला हेड रेस्ट नहीं है तो कोई भी नुकीली चीज़ जैसे पैचकस इतियादी।  

एतिहात के तौर पर यदि छोटा हथौड़ा या कोई और औजार जिससे शीशा तोडा जा सके उसे हमेसा डैशबोर्ड मैं रखें।  

नंबर 3 , जब कोई बाजार मैं या फिर कहीं और बहार बेहोस होकर गिरता है , तो आसपास बेचैनी का माहौल सा बन जाता है , लोग मुँह पर पानी की छीटें छिटकते है , गाल को थपथपाते है , या फिर जमीन से उठाने की कोशिश करते है , मेयो क्लिनिक के हिसाब से यह सब गलत प्रैक्टिस है , और किसी की जान को खतरे मैं डाल सकती है , बेहोस व्यक्ति के दोनों पैरों को ऊपर की तरफ उठाइये , दिल से ऊपर , ताकि रक्त का प्रवाह मस्तिष्क की तरफ तेज हो और ऑक्सीजन की पर्याप्त मात्रा मैं आपूर्ति हो सके, जिसकी वजह से वह बेहोश हुए थे। यदि कुछ टाइट कपडे या बेल्ट पहना हो तो पहले उससे ढीला करें।  जब होश आ जाये तभी उठाएं , नहीं तो इमरजेंसी नंबर पर कॉल करके मेडिकल अस्सिटेंस मंगवाए तुरंत।  

नंबर 4 , क्या एक रोज इस्तेमाल होने वाली चीज़ , अकस्मात ही आग का कारण बन सकती है , जो गाडी या घर मैं आग लगा सकती है ?
यह चीज़ है , मिनरल वाटर की पल्स्टिक बोतल।   जब सूरज की रौशनी,  पानी से भरी बोतल पर पड़ती है , तो यह एक लेंस की तरह काम करती है जो रौशनी को एक बिंदु पर केंद्रित कर देती है , और आग लग जाती है , इसीलिए कभी भी मिनरल वाटर की बोतल ,गाड़ी की  डैशबोर्ड पर या घर मैं खिड़की, या किसी ऐसी जगह जहाँ सीधे सूरज की रौशनी पड़ती ,  पर नहीं रख छोड़ना चाहिए।  

नंबर ५ ,  यदि आप किसी आग मैं फँस गए हो , तो अपने आप को जितना जमीन के करीब रख पाएं उतना बेहतर है , क्योंकि  विशेषज्ञों ने नोट किया है कि आग से बड़ा खतरा उससे उत्पन धुएं से है , यानी कार्बन मोनोऑक्साइड से, इस जहरीली गैस मैं साँस लेने से लोग बेहोश हो जाते है , और बहार निकल नहीं पाते , चूँकि आग से उत्त्पन गैस गर्म होती है इसलिए इसका घनत्व छत की तरफ ज्यादा मात्रा मैं होती है ,
और नीचे की तरफ काफी कम , इसलिए जमीन की तरफ बने रहना , फायदेमंद होता है।  

नंबर ६  , यदि आप बहुत सारे लोगों के बीच मैं हैं , और आपको अचनाक मदद की जर्रूरत पढ़ जाये , तो मदद के लिए सब को आवाज़ लगाने की बजाये , किसी एक व्यक्ति की तरफ इशारा कर के मदद मांगे , जैसे ” लाल शर्ट वाले भाई मेरी मदद करो “, और जब आप किसी व्यक्ति को चिन्हित करके मदद मांगते हो तो आपको जल्दी मदद मिलती है , इसे एक सोशल एक्सपेरिमेंट से सिद्ध किया गया है जिसे कहते है “दर्शक प्रभाव ” इसका अर्थ है कि लोग दूसरों की मौजूदगी होने पर मदद करने में संकोच करते है। इसलिए भीड़ मैं मदद के लिए आवाज़ लगने से अच्छा किसी को इशारा करके मदद के लिए पुकारो।  

नंबर ७ , यदि अचनाक बहार कहीं आपके बाल खड़े हो गए ,हलकी सी भिनभिनाहट से कान बंद सा महसूस कर रहे है , झनझनाहट महसूस करें  और बारिश का मौसम है , तो समझ लीजिये हवा मैं बिजली की तरंगे घूम रही है ,  तो तुरंत उस जगह से सुरक्षित जगह की तरफ भागे क्योंकि वहां बिजली गिरने वाली है , किसी भी लोहे की वास्तु से दूरी बनायें जैसे बिजली के खम्बें , रेलवे लाइन ,पानी की  पाइपलाइन इतियादी से।  इमारतों के अंदर रहना सुरक्षित है , गीली दीवारों और जमीन से दूर रहें , यदि आप कहीं बहार फंस गए और आपके पास कार है , तो उसके अंदर भी आप सुरक्षित है।  

नंबर ८  , यदि गाडी चलाते समय आपको लगे की कोई आपका पीछा कर रहा है तो ४ बार राइट टर्न लीजिये , यदि वह गाडी अब भी आपके पीछे है तो समझ लीजिये की आपका पीछा किया जा रहा है , तो तुरंत इमरजेंसी नंबर डायल करें और गाडी को नजदीकी पुलिस स्टेशन की तरफ ले जाएँ, या फिर भीड़ भाड़ वाले इलाके मैं जहाँ वह आपका पीछा करना छोड़ देंगे।  

नंबर ९  , यदि घर पर या कहीं बहार आपको गहरी चोट लग जाये और खून तेजी से बह रहा हो तो , सेनेटरी नैपकिन का इस्तेमाल किया जा सकता है चोट को कवर करने के लिए, और खून को रोकने के लिए ,  जब तक आप अस्पताल नहीं पहुँच जाते।  द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान किम्बर्ली क्लार्क नाम की एक महिला ने “सेलुकटॉन” विकसित किया, जो एक ऐसी सामग्री है जो बहुत बड़ी मात्रा में रक्त को अवशोषित कर सकती है। इसके इस्तेमाल से उसने सैनिकों के लिए पट्टी बनाई। युद्ध के बाद, इस नए आविष्कार का उपयोग महिलाओं के लिए सैनिटरी पैड बनाने के लिए किया गया था।

नंबर १०  , यदि आप बर्फबारी मैं कहीं किसी पहाड़ी एरिया मैं फंस जाते हैं , और आपको बहुत प्यास लग रही है , तो बर्फ खाना आखिरी चीज है जिसे आपको करना चाहिए। क्योंकि एक तो आप ठण्ड मैं फंसे हो ऊपर से बर्फ खा लो , इससे आपको  हाइपोथर्मिया हो सकता है।
पीने से पहले बर्फ पिगलाना बहुत जरूरी है , आप यदि ऐसी स्तिथि मैं फंसते हैं तो सबसे पहले , आग की व्यवस्था कर आपने आप को गर्म रखने की कोशिश करें , और बर्फ का पानी बना कर ही उपयोग करें।  

नंबर ११  – यदि कोई आप पर कोई बन्दुक तान दे , तब उससे आंखों मैं आंखें डालकर बात करें या फिर सिर्फ देखे।  
किसी हथियार बंद व्यक्ति से पाला पड़ने का सोचना भी एक डरा देने वाला एहसास  है , ऐसे मौके पर सीधे उसकी आंखों मैं देखे ,यह उन्हें असहज महसूस कराएगा और वे जो कर रहे हैं उसके लिए बुरा भी महसूस करेंगे।  याद रखें कि दूसरी तरफ का व्यक्ति भी एक इंसान है और केवल इसलिए ताकतवर महसूस कर रहा है क्योंकि उसके पास एक हथियार हैं।

नंबर १२  – कहीं भी चलते समय सेलफोन का इस्तेमाल न करे , क्योंकि चलते चलते बात करते समय हमारा ध्यान सड़क पर हो रही घटनाओ पर नहीं होता , और इसलिए यह बहुत सी दुर्घटनाओं का कारण भी बना है , जर्नल ऑफ़ इंजरी प्रिवेंशन के अध्ययन के हिसाब से , सड़क पार करते समय पैदल चलने वालों (29.8%) का लगभग एक-तिहाई हिस्सा उनके मोबाइल उपकरणों के कारण सड़क नियमों की अनदेखी करते है , यह संख्या बहुत बड़ी है।  

नंबर १३  – सीढ़ियां उतरते समय जेबो मैं हाथ डाल कर न उतारें , इससे आपको को पाव फिसलने पर सँभालने का मौका नहीं मिलेगा।  हमेशा रेलिंग के सहारे ही उतारें और ऊपर जाएँ।  सीढ़ी चढ़ते या उतरते समय एक समय में केवल एक ही कदम उठाएं।

नंबर १४  – घाव से चाकू या अन्य नुकीली चीज न निकालें
 यदि किसी हमले मैं या फिर दुर्घटना वश किसी के शरीर मैं चाकू या फिर कोई नुकीली चीज़ घुस गयी है , तो उसे खुद निकलने की कोशिश न करें , क्योंकि इसने खून के बहने को रोक रखा है , और जैसे ही आप इसे निकलोगे तो खून भरभरा के बहार निकलेगा , इसलिए पहले अस्पताल ले जाएँ , जहाँ पर अभ्यस्त डॉक्टर करेंगे जो उन्हें करना है।  

नंबर १५ – यदि आप अपने आप को उस जगह पर पाते हैं जहाँ  एक ओवरहेड पावर ट्रांसमिशन लाइन गिर गई है और अभी भी जमीन पर है, और आप भी वहीँ हैं और सकुशल हो , तो भागने की गलती नहीं करना , दोनों पावों को जोड़कर , खरगोश की तरह फुदकते हुए वहां से दूर जाएँ।  यदि दोनों पावों के बीच मैं या फिर जूतों के बीच मैं गैप ज्यादा होगा तो आग लग सकती है।  

नंबर १६ : दूसरी तरफ दिखने वाला शीशा : यह आज कल समस्या बनता जा रहा है , आप शीशे मैं देख रहे होते हैं और कोई आपको शीशे के पीछे से आपको।  बाथरूम , होटल का कमरा , या फिर कहीं और यदि आपको लगे की कोई उस तरफ से आपको देख रहा है या विडिओ बना रहा है तो , इस शक को दूर करने का आसान तरीका है , अपने अंगूठे के नाखून को शीशे पर रखिये , यदि प्रतिबिम्ब और नाखून के बीच थोड़ा सा गैप है तो यह साधारण शीशा है , और यदि कोई गैप नहीं है तो यह खतरे की घंटी है इस शीशे से कोई आपको दूसरी तरफ से देख रहा है।  

नंबर १७ गैस स्टोव पर रखे बर्तन पर वनस्पति तेल, घी की वजह से आग पकड़ने के मामले में, जल्दी से गैस बंद करें और आग की लपटों को शांत करने के लिए बर्तन को ढकने की कोशिश करें , पानी न डालें , क्योंकि पानी बर्तन मैं नीचे बैठ जाता है , और फिर आग की गर्मी से वाष्पित होकर , भाप बनकर आग को भड़कता है , सही तरीका जलती हुई पैन को किसी चीज से ढंकना है क्योंकि इससे आग की गर्मी और ऑक्सीजन की आपूर्ति बंद हो जाएगी।

नंबर १८ – हवाई यात्रा में  – टेकऑफ़ के बाद पहले तीन मिनट और लैंडिंग से पहले अंतिम आठ मिनट के दौरान विशेष रूप से सावधान रहें, क्योंकि अधिकतर हवाई दुर्घटना इसी समय मैं हुई हैं।  शोधकर्ताओं के अनुसार, इन विशिष्ट समयावधियों के दौरान 80% विमान दुर्घटनाएं हुई  हैं। इस समय पर अतिरिक्त सतर्कता  बरते और आपातकाल के दौरान किये जाने वाले कार्यों को याद रखें।  

नंबर १९ – यदि आप बाढ़ की स्तिथि मैं फँस जाते है , या फिर पानी में घिर जाते है और आपके पास कोई लाइफ जैकेट या इसी तरह की कोई और चीज़ उपलब्ध नहीं जो आपको पानी मैं तैरता हुआ रखे , तो अपनी पैंट का इस्तेमाल कर लाइफ जैकेट बना सकते हैं , पैंट के निचले हिस्से में गांठ बांध दीजिये , और ऊपरी हिस्से को पकड़ कर लहराते हुआ उसमें हवा भारिये और गले मैं लटका लीजिये।  

नंबर २० – कहीं भी बहार यदि आप जाते है तो इस बात की जानकारी किसी न किसी व्यक्ति के साथ साझा करें , की आप कहाँ जा रहे है , कितने बजे लौटेंगे , किसके साथ जा रहे है , कहाँ रूक रहे हैं इतियादी , और अपने साथ अपना फोटो पहचान पत्र , मेडिकल बीमा का कार्ड, इमरजेंसी फ़ोन नंबर , ले जाना न भूले। 

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