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2021 के बारें में नास्त्रेदमस की चौकाने वाली भविष्यवाणियां

जलवायु परिवर्तन, तकनीकी विकास, या अपर्याप्त सरकारी निर्णयों जैसे पहलुओं को देखकर, हम सोच सकते हैं कि सब कुछ हमारे खिलाफ है, और मानव जाति विलुप्त होने के कगार पर है

सोलहवीं शताब्दी के महान भविष्य द्रष्टा नास्त्रेदमस के समर्थकों का माने तो यह है , दुनिया के अंत की शुरुआत है।

नास्त्रेदमस ने लंदन की आग , फ्रांसीसी क्रांति, नेपोलियन और एडोल्फ हिटलर के उदय, दोनों विश्व युद्धों और हिरोशिमा और नागासाकी के परमाणु विनाश, साम्यवाद के पतन, राष्ट्रपति जेएफ कैनेडी की हत्या, भारत की स्वतंत्रता और विश्व मानचित्र पर इज़राइल के उदय की भविष्यवाणी की।
उनके यूरोपीय समर्थकों के अनुसार , २०२० का कोविड-19 का भी जिक्र है नास्त्रेदमस की किताब में है , अब जैसे-जैसे वर्ष २०२० अंत के करीब आ रहा है उनकी 2021 की भविष्यवाणियां, वायरल हो गई हैं, उनमें से कुछ में चौंकाने वाले खुलासे होने का दावा भी हैं। नास्त्रेदमस ने अपनी भविष्यवाणियों को कविता के रूप में लिखा है। आईये देखते है क्या क्या भविष्य वाणी है २०२१ के लिए।

१, भविष्यवाणी के अनुसार, एक रूसी वैज्ञानिक एक जैविक हथियार बनाएगा और एक वायरस पैदा करेगा जो मानव जाति को जिन्दा लाश में बदल देगा , यानी की ज़ोंबी में और हम सभी निकट भविष्य में विलुप्त हो जाएंगे

Photo by cottonbro from Pexels

नास्त्रेदमस का छंद जिसके आधार पर यह निष्कर्ष निकला गया।

“Few young people: half−dead to give a start.
Dead through spite, he will cause the others to shine,
And in an exalted place some great evils to occur:
Sad concepts will come to harm each one,
Temporal dignified, the Mass to succeed.
Fathers and mothers dead of infinite sorrows,
Women in mourning, the pestilent she−monster:
The Great One to be no more, all the world to end.”

2. २०२१ में अकाल पड़ेगा , जो दुनिया का अब तक का सबसे बड़ा अकाल होगा । विशाल अनुपात की एक तबाही हमें इतिहास में बहुत पीछे फेंक देगी , और दुनिया की आबादी का एक बड़ा हिस्सा इस अभिशाप को दूर करने में सक्षम नहीं होगा। नास्त्रेदमस ने भविष्यवाणी की कि दुनिया के अंत के पहले संकेत, अकाल, भूकंप, विभिन्न बीमारियों और महामारी होंग। 2020 से कोरोनावायरस महामारी प्रतिकूल घटनाओं की एक श्रृंखला की शुरुआत का प्रतिनिधित्व करती है, जो दुनिया की आबादी को प्रभावित करेगी।

नास्त्रेदमस का छंद जिसके आधार पर यह निष्कर्ष निकला गया।

“After great trouble for humanity,
a greater one is prepared,
The Great Mover renews the ages:
Rain, blood, milk, famine, steel, and plague,
Is the heavens fire seen, a long spark running.”

3. मुस्लिम वर्चस्व बढ़ेगा यूरोप में : आने वाले १० सालों में मुस्लिम आबादी बहुत तेजी से बढ़ेगी यूरोपीय देशों में , इनकी बहुत बड़ी आबादी शरणार्थी के रूप में यूरोप पहुंचेगी विशेषकर जर्मनी और फ्रांस में , और बगैर कोई खून बहाये , सत्ता परिवर्तन लाएगी। फिर कुछ सालों में फ्रांस के समुद्री तट पर जहाजों का बैड़ा आएगा , जमीन और समुद्र में खून बहेगा।

Photo by Timo Stern on Unsplash


नास्त्रेदमस का छंद, जिसके आधार पर यह निष्कर्ष निकला गया।
In the Danube and of the Rhine will come to drink
The great Camel, not repenting it:
Those of the Rhone to tremble,
and much more so those of the Loire,
And near the Alps, the Cock will ruin him.
Because of French discord and negligence
An opening shall be given to the Mohammedans.
The land and sea of Siena will be soaked in blood,
And the port of Marseilles covered with ships and sails

4. 2021 प्रमुख वैश्विक घटनओं के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण वर्ष होगा। सूरज से भयानक सौर तूफान निकलेगा , जिससे पृथ्वी के कुछ बड़े हिस्से को नुकसान होगा । नास्त्रेदमस ने कथित तौर पर चेतावनी दी थी: हम पानी का स्तर को बढ़ता हुआ देखेंगे और पृथ्वी को उसके नीचे डूबता हुआ। जलवायु परिवर्तन के हानिकारक प्रभावों के बाद कई युद्ध और संघर्ष होंगे, क्योंकि दुनिया संसाधनों पर लड़ेगी, और बड़े पैमाने पर पलायन होगा।

Photo by Ayu Shakya from Pexels

5. एक धूमकेतु पृथ्वी से टकराएगा या यह पृथवी के बहुत करीब आ जाएगा।

यह घटना भूकंप और अन्य प्राकृतिक आपदाओं का कारण बनेगी, नास्त्रेदमस का छंद, जिसके आधार पर यह निष्कर्ष निकला गया।
“In the sky, one sees fire and a long trail of sparks”.
नासा के अनुसार 2009 KF1 नामक एक क्षुद्रग्रह के 2021 के 6 मई को पृथ्वी से टकराने की संभावना है।
नासा का दावा है कि यह क्षुद्रग्रह पृथ्वी को 230 किलोटन के बराबर टीएनटी विस्फोटक बल से मारने की शक्ति रखता है, जिसका अर्थ 1945 में हिरोशिमा पर अमेरिकियों द्वारा परमाणु बम से 15 गुना अधिक है।

विशेष रूप से दुनिया के अंत का संकेत देने वाले अकाल भूकंप और महामारी , कोविड-१९ के ख़त्म होते ही शुरू होंगे।

6. एक विनाशकारी भूकंप कैलिफोर्निया को नष्ट कर देगा

नास्त्रेदमस ने भविष्यवाणी की है कि एक बड़ा भूकंप नई दुनिया (“पश्चिमी भूमि”) को नष्ट कर देगा, और कैलिफोर्निया तार्किक रूप से वही जगह है जहां यह हो सकता है। नास्त्रेदमस का वह छंद, जिसके आधार पर यह निष्कर्ष निकला गया।
“the sloping park, great calamity,
Through the Lands of the West and Lombardy
The fire in the ship, plague, and captivity;
Mercury in Sagittarius, Saturn fading.”

Photo by moein rezaalizade on Unsplash

7. अमेरिकन सोल्जर्स में ब्रेन चिप इंप्लांट होंगे

अमेरिकी सैनिकों को मानव जाति को बचाने के लिए, कम से कम मस्तिष्क स्तर पर एक तरह के साइबरबॉर्ग में बदल दिया जाएगा। इस चिप के द्वारा जैविक बुद्धिमत्ता की सीमा को बढ़ने के लिए , डिजिटल बुद्धिमत्ता को जोड़ दिया जायेगा सैनिकों के मस्तिष्क में।
इसका मतलब यह है कि सैनिकों के पास आर्टिफीसियल इंटेलिजेंस की ताकत भी होगी। नादस्त्रेमस का वह छंद, जिसके आधार पर यह निष्कर्ष निकला गया।
The newly made one will lead the army,
Almost cut off up to near the bank:
Help from the Milanais elite straining,
The Duke deprived of his eyes in Milan in an iron cage.

Photo by Daniel Stub on Unsplash

8. पोप फ्रांसिस लोगों को चर्च के करीब लाएंगे

नास्त्रेदमस कौन है


नास्त्रेदमस एक फ्रांसीसी ज्योतिषी, चिकित्सक और प्रतिष्ठित द्रष्टा थे, जो अपनी पुस्तक “लेस प्रोफाइट्स” के लिए जाने जाते हैं, जो कथित तौर पर भविष्य की घटनाओं की भविष्यवाणी करते हुए 942 काव्यात्मक संग्रह है। इस किताब में कुल 6338 भविष्यवाणियां हैं, जिनमें से ७५ फीसद सच साबित हुई हैं.

एक किंवदंती के अनुसार एक बार नास्त्रेदमस अपने मित्र के साथ इटली की सड़कों पर टहल रहे थे, उन्होनें भीड़ में एक युवक को देखा और जब वह युवक पास आया तो उसे आदर से सिर झुकाकर नमस्कार किया। मित्र ने आश्चर्यचकित होते हुए इसका कारण पुछा तो उन्होने कहा कि यह व्यक्ति आगे जाकर पोप का आसन ग्रहण करेगा। किंवदंती के अनुसार वास्तव में वह व्यक्ति फेलिस पेरेती था जिसने १५८५ में पोप चुना गया।
नास्त्रेदमस की भविष्यवाणियां की ख्याति सुन फ्रांस की महारानी कैथरीन ने अपने बच्चों का भविष्य जानने की इच्छा जाहिर की। नास्त्रेदमस अपनी इच्छा से यह जान चुके थे कि महारानी के दोनो बच्चे अल्पायु में ही पूरे हो जाएंगे, लेकिन सच कहने की हिम्मत नहीं हो पायी और उन्होंने अपनी बात को प्रतीकात्मक छंदों में पेश किया। इसक प्रकार वह अपनी बात भी कह गए और महारानी के मन को कोई चोट भी नहीं पहुंची। तभी से नास्त्रेदमस ने यह तय कर लिया कि वे अपनी भविष्यवाणीयां को इसी तरह छंदो में ही व्यक्त करेंगें।

नास्त्रेदमस ने १५५५ में भविष्यवाणियों से संबंधित अपने पहले ग्रंथ सेंचुरी के प्रथम भाग का लेखन पूरा किया, जो सबसे पहले फ्रेंच और बाद में अंग्रेजी, जर्मन, इटालवी, रोमन, ग्रीक भाषाओं में प्रकाशित हुआ। इस पुस्तक ने फ्रांस में इतना तहलका मचाया कि यह उस समय महंगी होने के बाद भी हाथों-हाथ बिक गई। उनके कुछ व्याख्याकारों क मानना है कि इस किताब के कई छंदो में प्रथम विश्व युद्ध, नेपोलियन, हिटलर और कैनेडी आदि से संबंद्ध घटनाएं स्पष्ट रूप से देखी जा सकती हैं। व्याख्याकारों ने नास्त्रेदमस के अनेक छंदो में तीसरे विश्वयुद्ध का पूर्वानुमान और दुनिया के विनाश के संकेत को भी समझ लेने में सफलता प्राप्त कर लेने का दावा किया है।

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